हरिद्वार
सैनिक सम्मेलन के समापन के पश्चात एस.एस.पी. प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय कॉन्फ्रेंस हॉल में माह दिसम्बर की अपराध गोष्टी का आयोजन किया गया। उक्त गोष्ठी में श्री डोबाल द्वारा निम्नलिखित एजेंडा बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए आंकड़े चैक किए गए-
1. दिनांक 07.12.2025 से मुख्यालय स्तर पर प्रचलित गम्भीर अपराधों में अपराधियों की गिरफ्तारी / कार्यवाही के अभियान की समीक्षा
2. कालनेमि अभियान में अब तक की गई कार्यवाही व प्रगति की समीक्षा
3. प्रचलित ऑपरेशन स्माइल अभियान की बिन्दुवार समीक्षा
4. गैरजमानतीय अपराधों में लम्बित अभियोगों की थानावार समीक्षा
5. विधि विज्ञान प्रयोगशाला में लम्बित प्रदर्शों का विवरण
6. नारकोटिक्स अधिनियम के अन्तर्गत की गयी कार्यवाही की समीक्षा
7. वर्ष-2025 में पंजीकृत हत्या के अपराधों का वर्गीकरण व समीक्षा
8. लम्बित एस०आर० केसों की शीर्षकवार समीक्षा
9. MACT, I-RAD, हिट एण्ड रन की कार्यवाही का संख्यात्मक विवरण
10. मुख्यालय स्तर पर प्रचलित 46 बिन्दुओं की अपराध समीक्षा।
*इस दौरान एसएसपी हरिद्वार द्वारा दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश-*
1- आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सभी फायर स्टेशन कार्यशील अग्निशमन उपकरणों सहित तैयारी दशा में रहें व दुर्घटना की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचें। मौके पर जांच कर अग्निकांड के वास्तविक कारणों की रिपोर्ट प्रेषित करें।
2- हमें अपराध होने का इंतजार नही करना है। थाना प्रभारी सुनिश्चित करें कि आपराधिक तत्वों को अपराध होने से पहले रोकना हमारी प्राथमिकता रहे।
3- सीओ साहेबान लंबित विवेचनाओं पर फोकस करें एवं जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए प्रगति के बारे में सूचना दें।
4- रंजिश के मामलों को थाना प्रभारी व्यक्तिगत रुप से देखें और शांति व्यवस्था खराब होने से पूर्व ऐहतियाती कदम उठाएं।
5- उग्रता एवं दबंगई दिखा रहे अस्लाह धारकों के लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करें। किसी भी प्रकार की घटना होती है तो उसमें सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए ताकी अपराधी अपराध करने से पहले मिलने वाली सजा के बारे में जरूर सोचे।
6- कच्ची शराब के प्रचलन कई बार बड़ी मानवीय क्षति के रुप में आते हैं। सभी थाना प्रभारी इसकी तस्करी पर लगाम लगाने के लिए उचित कदम उठाएं तथा आबकारी विभाग से आवश्यक जानकारी साझा करें।
7- बलवा से संबंधित प्रकरणों में तत्काल एक्शन लेते हुए वैधानिक कार्यवाही करें जिससे दोषियों को सजा मिल सके।
8- सभी थाना प्रभारी एवं सर्किल ऑफिसर्स जवानों की सुविधा के लिए थाना/ शाखा प्रांगणों में होने वाले निर्माण कार्यों/ सुधारीकरण के एजेंडा बिंदू समय से तैयार कर प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।
9- फरियादी की शिकायत पर तत्काल जांच की जाए व प्रकाश में आए तथ्यों के आधार पर मुकदमें दर्ज किए जाएं ताकी हम बड़े अपराध होने से रोक सकें।
10- सर्किल ऑफिसर्स प्रतिदिन अपने सर्किल के थानों की समीक्षा करें व थानावार रोस्टर तैयार कर उसी मुताबिक नियुक्त बल का कार्यवितरण किया जाए।
12- क्रय किए गए उपकरणों एवं अन्य इलैक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग कर ऐसे वाहनों को चिन्हित किया जाए जो बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहें हैं तथा आपराधिक कृत्यों में जिनके प्रयोग की संभावना हो।
13- इस बात पर चिंतन की आवश्यकता है कि गंभीर अपराधों में हम क्या कर रहे हैं और हमें और अधिक सुधार के लिए क्या रणनीति बनानी चाहिए। सर्किल ऑफिसर्स पुलिस अधिक्षक अपराध से विचार-विमर्श कर उचित रणनीति तैयार करें और उसे लागू करें।
14- कुछ समय बाद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा प्रस्तावित हैं। सभी थाना प्रभारी सुनिश्चित करें कि परीक्षाओं के दौरान ध्वनी विस्तारक यंत्रों का नियमानुसार संचालन सख्ती से लागू किया जाए एवं अपने-अपने क्षेत्रों में सकारात्मक सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराएं।
इस दौरान एसपी क्राइम/ट्रैफिक जितेन्द्र मेहरा, एसपी/क्षेत्राधिकारी सदर निशा यादव, एसपी/क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर जितेन्द्र चौधरी, एसपी संचार विपिन कुमार, एसपी सिटी अभय सिंह, एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल, सहित जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी, कोतवाली/थाना प्रभारी मौजूद रहे।